इटारसी – न्यास क्षेत्र में स्वच्छता संकट और दूषित पेयजल पर भड़के नागरिक, संविधान के अनुच्छेद 21 के उल्लंघन का आरोप
इटारसी |
इटारसी नगर के न्यास क्षेत्र में व्याप्त गंभीर स्वच्छता संकट, नालियों से होकर गुजर रही पेयजल पाइपलाइनों और दूषित जल से फैल रही बीमारियों को लेकर आज स्थानीय नागरिकों द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। यह प्रेस वार्ता सिद्धार्थ आर्य वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ, बच्चे एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सिद्धार्थ आर्य ने कहा कि न्यास क्षेत्र के नागरिक अत्यंत अस्वच्छ, अमानवीय और स्वास्थ्य के लिए घातक परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। क्षेत्र में कई स्थानों पर नालियों के भीतर से पेयजल की पाइपलाइन गुजर रही है, जिससे जल दूषित होने का गंभीर खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही का विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्यपूर्ण जीवन प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रेस वार्ता के दौरान स्थानीय नागरिकों ने दूषित पानी, गंदगी, मच्छरों की भरमार और बच्चों के बार-बार बीमार होने की समस्याओं को खुलकर सामने रखा। महिलाओं ने बताया कि वे नालियों के पास से गुजर रही पाइप लाइनों से आने वाले पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं, जिससे परिवारों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रशासन से यह माँग की गई कि:
- नालियों से गुजर रही सभी पेयजल पाइपलाइनों की तत्काल जाँच कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
- न्यास क्षेत्र में स्थायी एवं प्रभावी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- दूषित जल से संभावित बीमारियों की स्वास्थ्य जाँच एवं रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- लापरवाह अधिकारियों एवं जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए।
कार्यक्रम मे चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस विषय को कानूनी और संवैधानिक तरीके से उच्च स्तर तक उठाया जाएगा, ताकि नागरिकों को उनका मौलिक अधिकार दिलाया जा सके।

दबंग ब्यूरो




























